Sardiyon mein bachchon kee dekhabhaal kese karen – सर्दियों में बच्चों में सर्दी-जुकाम बढ़ जाता है क्योंकि वायरस ठंडी और सूखी हवा में ज्यादा समय तक जीवित रहते हैं। बच्चे ज्यादातर घर के अंदर रहते हैं, जिससे संक्रमण जल्दी फैलता है। हर छींक को रोक पाना मुश्किल है, लेकिन कुछ आसान रूटीन अपनाकर बच्चों को स्वस्थ रखा जा सकता है।
1. Sardiyon mein bachchon kee dekhabhaal kese karen – डेली हाइजीन रूटीन
बच्चों को स्कूल के बाद, टॉयलेट के बाद और खाने से पहले हाथ धोने की आदत सिखाएं। साबुन से 20 सेकेंड हाथ धोना रोजमर्रा के लिए सैनिटाइजर से बेहतर है।
खांसी या छींक आने पर कोहनी के अंदर मुंह करने और आंख-नाक छूने से बचने की सीख दें। घर में अच्छी खुशबू के साथ ताजी हवा भी आने दें। उसके लिए सुबह के समय घर की खिड़कियां 10 मिनट के लिए खोलें।
2. नाक की देखभाल
स्कूल जाने और सोने से पहले 0.65% सलाइन नोज स्प्रे दें। यह नाक को नम रखता है और कफ साफ करता है। 6 साल से बड़े बच्चों को 3-5 मिनट की स्टीम दी जा सकती है। छोटे बच्चों में जलने का खतरा रहता है, इसलिए उन्हें स्टीम न दें।
3. नींद- साइलेंट इम्यून बूस्टर
3-5 साल के बच्चों को 10-13 घंटे, 6-12 साल के 9-12 घंटे और टीनएजर्स को 8-10 घंटे की नींद जरूरी है। सोने से 20-30 मिनट पहले स्क्रीन बंद करें, गुनगुने पानी से नहलाएं। सुबह 10 मिनट धूप लेने से बॉडी क्लॉक स्थिर रहती है और नींद बेहतर होती है।
4. खाने की प्लेट पहली सुरक्षा
हर मील में प्रोटीन, कलरफुल सब्जियां और गर्म लिक्विड शामिल करें। प्रोटीन के लिए अंडा, दालें, पनीर/टोफू और दही दें। विटामिन C के लिए खाने में अमरूद, आंवला, संतरा, टमाटर या शिमला मिर्च रोज शामिल करें।
जिंक के लिए भुने चने, कद्दू के बीज, अंडे और दालें दें। प्रोबायोटिक के लिए ताजा दही या छाछ दें। गर्म सूप और हल्का काढ़ा, नींबू-अदरक और तुलसी भी बच्चों को दें। ठंड में बच्चे पानी कम पीते हैं, इसलिए पानी का शेड्यूल बनाएं।
5. एक्टिविटी और लेयरिंग
रोजाना 30-45 मिनट खेलें (अगर AQI नॉर्मल हो तो आउटडोर)। खराब-AQI वाले दिनों में इनडोर गेम्स, स्किपिंग, योग चुनें। सीने, गर्दन और कानों को गर्म रखें। ऐसे कपड़े पहनने से बचें, जिससे पसीना आने पर ठंड लग सके।
6. दवाइयां समझदारी से लें
साधारण सर्दी-जुकाम में एंटीबायोटिक्स न लें। बची हुई सिरप का इस्तेमाल न करें। बुखार में लिक्विड ज्यादा लें, हल्के कपड़े पहनें और आराम करें। पैरासिटामोल/आइबुप्रोफेन केवल डॉक्टर की सलाह पर ही लें। सांस लेने में दिक्कत, लगातार तेज बुखार, डिहाइड्रेशन, कान में दर्द या असामान्य चिड़चिड़ापन होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
घर का बना हल्का कफ एक्सपेक्टोरेंट (बड़े बच्चों के लिए)
2 बड़े चम्मच शहद + ¼ छोटा चम्मच हल्दी + ¼ छोटा चम्मच सोंठ + 1–2 चुटकी काली मिर्च मिलाएं। 1 वर्ष और उससे बड़े बच्चों को सुबह-शाम 1 चम्मच दें, भोजन के बाद थोड़े गर्म पानी के साथ। 1 वर्ष से कम उम्र में शहद न दें।
निष्कर्ष:
ये छोटे-छोटे उपाय अपनाने में बहुत आसान हैं, लेकिन बच्चों की सेहत पर इनका बहुत बड़ा असर पड़ता है। थोड़ी सी सावधानी और देखभाल से आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपके बच्चे इस खूबसूरत मौसम का पूरा आनंद लें, न कि बिस्तर पर बीमार पड़कर समय बिताएं।